60 हिजरी की हुकूमत से पनाह

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*🥀 60 हिजरी की हुकूमत से पनाह 🥀* 



✏️ *अब ये वाजेह हो गया कि हुज़ूर صلى الله تعالى عليه واله وسلم ने फरमाया मेरी उम्मत की हलाकत लौंडो की हुकूमत से होगी और ये हुकूमत 60 हिजरी में क़ायम होगी* 

_अब ये की 60 हिजरी में किसकी हुकूमत क़ायम हुई उसके लिए बुखारी शरीफ की वही हदीस उसकी_ *शरह फतह अल बारी शरह बुखारी* _की जिल्द नम्बर 13 सफा नम्बर 10 हज़रत इमाम इब्न हजर असकलानी رحمة الله تعالى عليه लिखते है_
 *कि इस हदीस में इशारा है उन लौंडो की तरफ के उन में पहला यज़ीद होगा आगे कहते है कि चुनाँचे वही हुआ यज़ीद 60 में खलीफा बना और 64 में उसकी मौत हो गई*

_एक और शरह_ *उम्दा तूल क़ारी शरह बुखारी* _इसके लिखने वाले इमाम बदरुद्दीन ऐनी رحمة الله تعالى عليه इसकी जिल्द नम्बर 24 सफा 369 इसी हदीस की शरह में अल्लामा बदरुद्दीन ऐनी رحمة الله تعالى عليه फरमाते है_
 *इन लौंडो में पहला यज़ीद है और कहते है उस पर वही पड़े जिसका वो मुस्तहिक़ है आगे कहते है कि उस बदबख़्त ने ये किया के अपनी हुकूमत में शहरों पर जो बड़े बड़े बुजुर्ग थे जिनको हज़रत अमीर मुआविया رضي الله تعالى عنه ने मुन्तख़ब किया था उनको हटाया और उनकी जगह लौंडो को नामजद किया और अपने अकारीब और अज़ीज़ों को उनके ओहदों पर बैठा दिया* 

_इमाम मुल्ला अली क़ारी رحمة الله تعالى عليه ने थोड़े से अलग अल्फ़ाज़ के साथ_ *शरह मिरकात* _में और अपनी दूसरी किताब_ *शरह शिफा* _जिल्द नम्बर 1 सफा 694 पर इसी हदीस को लिख कर फरमाते है_ *कि इस हदीस में मुराद यज़ीद है के उसने मुस्लिम बिन उक़बा को मदीना की तरह भेजा जो सुकून का शहर था और इस खबीस लश्कर ने अपने खबीस लश्कर पर 3 दिन तक औरतो को हलाल कर दिया और मदीना के मोअतबर शख़्शियात थे उनको कसीर तादाद में क़त्ल किया*

_और इसी हदीस की शरह में हज़रत शाह अब्दुल हक़ मुहद्दिस देहलवी رحمة الله تعالى عليه_ *अशआतुल लमआत* _जिल्द नम्बर 4 सफा नम्बर 286 पर फरमाते है_
 *के हज़रत अबु हुरैरा رضي الله تعالى عنه उन लौंडो को उनके नामो और सूरतों से पहचानते थे और मुराद यज़ीद और उबैदुल्लाह बिन ज़ियाद है आगे कहते है इसी की तरह और नोजवान, अल्लाह इन सब को ज़लील करे आगे कहते है बिलासुबा अहले बैत रसूल का उन्ही ने क़त्ल किया उनको क़ैद किया और अज़ीम मरतबत मुहाजरीन और अंसार को क़त्ल किया*
 
_आइये अबु हुरैरा رضي الله تعالى عنه की एक और हदीस पढ़ते है_ *फतह अल बारी शरह बुखारी* _इमाम हज़रत इब्न हजर असकलानी رحمة الله تعالى عليه एक हदीस इमाम इब्न अबि शैबा رحمة الله تعالى عليه से नकल करते है जो इमाम बुखारी और इमाम मुस्लिम رضي الله تعالى عنهما के उस्ताद है जिल्द नम्बर 13 सफा 10 कहते है_
 *रिवायात बयान की इब्न अबि शैबा ने अबु हुरैरा رضي الله تعالى عنه से वो नकल करते है कि अबु हुरैरा رضي الله تعالى عنه जब बाज़ार से गुजरते तो अल्लाह तआला से दुआ करते के मालिक ए कायनात मैं तुझसे सन 60 हिजरी से पनाह चाहता हूँ और लौंडो की हुकूमत से तेरी पनाह चाहता हूँ* 

🌈 बाकी अगली पोस्ट में 



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*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*

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