शाने अहले बैत और कु़र्आन

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*🥀 शाने अहले बैत और क़ुर्आन 🥀* 





*【अल्लाह सुब्हानहु वतआला का फरमान मुबारक 】*
*✍🏻............وَقَرْنَ فِي بُيُوتِكُنَّ وَلَا تَبَرَّجْنَ تَبَرُّجَ الْجَاهِلِيَّةِ الْأُولَىٰ ۖ وَأَقِمْنَ الصَّلَاةَ وَآتِينَ الزَّكَاةَ وَأَطِعْنَ اللَّهَ وَرَسُولَهُ ۚ إِنَّمَا يُرِيدُ اللَّهُ لِيُذْهِبَ عَنْكُمُ الرِّجْسَ أَهْلَ الْبَيْتِ وَيُطَهِّرَكُمْ تَطْهِيرًا-* 
*【तर्रजूमा ए कंन्जुल ईमान】*
*✍🏻..........और अपने घरों में ठहरी रहो और बेपर्दा ना रहो जैसे अगली जाहिलियत की बेपर्दगी और नमाज़ क़ायम रखो और ज़कात दो और अल्लाह और उसके रसूल का हुक्म मानो,अल्लाह तो यही चाहता है ऐ नबी के घर वालों कि तुमसे हर नापाकी दूर फरमा दे और तुम्हें पाक करके खूब सुथरा करदे*

*📘 【पारा 22,सूरह अहज़ाब,आयत 33】*

*✍🏻...........आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा फ़ाजीले बरेलवी in रहमतुल्लाह तआला अलैह क्या खुब लिखते है इसु आयत ए करीमा की तरजुमानी करते हुए मुलह्यज़ा करें*

*✍🏻..........आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा फ़ाजीले बरेलवी रहमतुल्लाह तआला अलैह ने अहले बैंत पाक आले रसूल हज़रत सय्येदा फातिमातुज्जोहरा हज़रत सैय्यदना इमाम हसन इमाम हुसैन रज़ियल्लाहू तआला अन्हो अज़मीईन की क़राबत की अज़मत को यूँ बयान फ़रमाया*
*【तेरी नस्ले पाक में है बच्चा बच्चा नूर का】*
*【तू हे ऐने नूर तेरा सब घराना नूर का】*
*और फरमाते है*
*【और जितने है शहजादे उस शाह के】*
*【उन सब अहले मकानत पे लाखो सलाम】*

*✍🏻..........क़ुर्आन मुक़द्दस में अहले बैते अत्हार की शान कुल 11 आयतों से साबित की गई है मैं यहां सिर्फ 1 आ यत पेश करता हूं,इस आयते मुक़द्दसा से कुछ मसलों पर रौशनी पड़ती है जोis हस्बे ज़ैल है*

*✍🏻..........1. इस आयत से अहले बैते नुबूवत की शानो अज़मत फज़्लो शर्फ उनके दर्जातो मरातिब का पता चलता है*

*✍🏻..........2. अहल बैत में हज़रत मौला अली व हज़रते फातिमा ज़ुहरा व हज़राते हसनैन करीमैन और तमाम अज़्वाजे मुतह्हरात रिज़वानुल्लाहि तआला अलैहिम अजमईन दाखिल हैं,क्योंकि आयत की शुरुआत में मौला तआला जो हुक्म फरमा रहा है वो खास नबी की बीवियों से है और यही अक़ायद के इमाम हज़रत अबू मंसूर मातुरीदी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से मन्क़ूल है और तमाम अहले सुन्नत व जमाअत के इमामों का मुख्तार मज़हब भी यही है और दलील के तौर पर वो मुक़द्दस हज़रात क़ुर्आन की ये आयत पेश करते हैं जिसमे मौला तआला फरमाता है कि फरिश्तों ने हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की बीवी हज़रते सारह रज़ियल्लाहु तआला अन्हा से कहा कि*

*【अल्लाह सुब्हानहु वतआला का फरमान मुबारक 】*
*✍🏻.........اللَّهِ ۖ رَحْمَتُ اللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ عَلَيْكُمْ أَهْلَ الْبَيْتِ-*
*【तर्रजूमा ए कंन्जुल ईमान】*
*✍🏻.......अल्लाह की रहमत और उसकी बरक़तें तुम पर ऐ घर वालों*

*📗【पारा 12,सूरह हूद,आयत 73】*

*✍🏻...........इस आयत में भी अहले बैत का लफ्ज़ आया है मगर जब फरिश्तों ने उनके घर आकर उनको मुबारकबाद पेश की तो उस वक़्त उनके घर में सिवाये हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम और उनकी बीवी हज़रते सारह रज़ियल्लाहु तआला अन्हा के कोई और मौजूद ना था तो मानना पड़ेगा कि अहले बैते अत्हार में अज़्वाजे मुतह्हरात दाखिल हैं,इसके अलावा भी क़ुर्आन में 6 आयतें और हैं जिनसे पता चलता है कि बीवियां भी अहले बैत में दाखिल हैं*

*✍🏻..........3. इसमें अगर चे मौला तआला उन मुक़द्दस हस्तियों को हुक्म दे रहा है मगर दर असल ये हुक्म क़यामत तक पैदा होने वाली उन तमाम औरतों को शामिल है और उनके लिए इबरत है कि जब उन मुक़द्दस हस्तियों को घर में ठहरे रहने और बाहर ना निकलने का हुक्म दिया जा रहा है तो आज की ये औरतें किस शुमार में हैं और ख्याल रहे कि बाहर घूमने फिरने को मौला तआला ज़मानये जाहिलियत का दस्तूर फरमा रहा है लिहाज़ा अपने आपको मॉडर्न समझने वाली जाहिल औरतें अपना अंजाम सोच लें,दोनों जहां के मालिको मुख्तार आक़ा हुज़ूर सल्लललाहो तआलाअलैहि वसल्लम इरशाद फरमाते हैं कि*

*👉🏻.............【हदीस】* 
*✍🏻...........मैंने जहन्नम में झांक कर देखा तो ज़्यादातर औरतों को पाया* 

*📕 【मुसनद अहमद,जिल्द 1,सफह 234】*

*✍🏻........4. उन मुक़द्दस हस्तियों को नमाज़ रोज़ा और ज़कात की पाबन्दी कराई जा रही है तो आज की औरतें अंदाज़ा लगायें कि उनके लिए क्या क्या हुक्म ना होगा*

*✍🏻........5. ये भी पता चला कि मौला तआला ने उनसे ज़ाहिरी व बातिनी पलीदी को दूर फरमाकर उनको पाकीज़ा कर दिया है*

*📕 मसाएलुल क़ुर्आन,सफह 100*

*✍🏻.........अहले बैत की शान में हुज़ूर सल्लललाहो तआला अलैहि वसल्लम इरशाद फरमाते हैं कि............मैं अपने पीछे 2 भारी चीज़ें छोडे जाता हूं पहला क़ुर्आन और दूसरी मेरी अहले बैत,तो जो इन दोनों को मजबूती से थामे रहेगा वो निजात पायेगा* 

*📗 【मुस्लिम,जिल्द 1,सफह 279】*

*✍🏻..........आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा फ़ाजीले बरेलवी रहमतुल्लाह तआला अलैह ने पूरी ज़िन्दगी अल्लाह व रसूल जल्ला शानुहु व सल्लल्लाहो तआला अलैहि व सल्लम की इताअत और अहले बैत की फरमा बरदारी में गुजारी। आला हज़रत रज़िअल्लहो तआला अन्हो महबूबे ख़ुदा रसूलल्लाह सल्लल्लाहो तआला अलैहि व सल्लम पर और अहले बैत पर जान व दिल से फ़िदा व क़ुरबान थे*

*👉🏻......फरमाते है या रसूलल्लाह सल्लल्लाहो तआला अलैहि व सल्लम*
*✍🏻........दहन में जुबां तुम्हारे लिए बदन में हे जाँ तुम्हारे लिए*
*हम आए यहाँ तुम्हारे लिए उठे भी वहाँ तुम्हारे लिए*
*【अहले सुन्नत का बेड़ा पार अस्हाबे हुज़ूर】*
*【नज्म है और नाव है इतरत रसूलल्लाह की】*

*【इसी तरह एक मर्तबा इरशाद फरमाया कि】*
*👉🏻.............【हदीस】* 

*✍🏻.......मेरी अहले बैत कश्तिये नूह की मानिंद है जो इसमें सवार हो गया वो निजात पा गया* 

*📕【 चहल हदीस,सफह 186】*

*✍🏻...........मगर याद रहे कि कश्ती में बैठने वाले अक्सर सितारों से ही अपना रास्ता तय करतें है और अगर सितारों का इल्म ना हो तो भटक सकतें है इसी की तफसीर में आप सल्लललाहो तआला अलैहि वसल्लम ये इरशाद फरमाते हैं कि*

*👉🏻................【हदीस】* 
*✍🏻.........मेरे सहाबा सितारों की मानिंद हैं इनमे से जिनकी भी पैरवी करोगे हिदायत पा जाओगे*

*📕 चहल हदीस,सफह 186*

*【उनके मोला की उन पर करोड़ो दुरुद】*
*【उनके अस्हाबो इतरत पे लाखों सलाम】*

*✍🏻...........तो अल्हम्दु लिल्लाह हम सुन्नी किसी को भी नहीं छोड़ते हैं ना क़ुर्आन को ना अहले बैत को और ना ही सहाबा को यहां तक कि जिस जिस को भी इनसे निस्बत हो गई हम उनकी भी अज़मत अपने दिलों में रखते हैं,इसीलिए निजात का परवाना सिर्फ और सिर्फ हम सुन्नियों के लिए है इन शा अल्लाह तआला* 

*📝【तालिब-ए-दुआ/मैं गुलामें मुस्तफ़ा/खादिमे मसलके अला -हज़रत ग्रुप/मुहम्मद जावेद हुसैन कादरी रज़वी】📝*

   


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*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*

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