इमामे हुसैन رضی اللہ عنہ की शहादत की ख़बर कर्बला के वाक़िए से पहले ही मशहूर थी।*

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴



*🥀 वाक़यात-ए-कर्बला 🥀* 



*⌛(किस्त न० 02)* 

✏️ *इमामे हुसैन رضی اللہ عنہ की शहादत की ख़बर कर्बला के वाक़िए से पहले ही मशहूर थी।*

      ह़ुज़ूर सरवरे आ़लम ﷺ की बिअ्सत शरीफ़ से 300 साल पहले यह शे'र एक पत्थर पर लिखा मिला।

                *اترجو امة قتلت حسينا* 
                *شفاعة جده يوم الحساب* 

      क्या हुसैन के क़ातिल यह भी उम्मीद रखते हैं कि क़यामत के दिन उसके नाना ﷺ की शफ़ाअ़त पाएं ?

      यह शे'र रूम के एक गिरजाघर में लिखा पाया गया और लिखने वाला मालूम नहीं हुआ। 

      कई हदीसों में है: ह़ुज़ूर सरवरे आ़लम ﷺ उम्मुल मुमिनीन हज़रते उम्मे सलमा رضی اللہ عنہا के काशाने में तशरीफ़ फ़रमा थे। एक फ़रिश्ता कि पहले कभी हाज़िर नहीं हुआ था। अल्लाह तआ़ला से ह़ाज़री की इजाज़त लेकर आस्ताना बोस हुआ। ह़ुज़ूर ﷺ ने उम्मुल मुमिनीन से फ़रमाया दरवाज़े की निगरानी रखो, कोई आने ना पाए। इतने में इमामे हुसैन رضی اللہ عنہ दरवाज़ा खोलकर हाज़िरे ख़िदमत हुए। और कूदकर ह़ुज़ूर ﷺ की गोद में जा बैठे। ह़ुज़ूर ﷺ प्यार फ़रमाने लगे। फ़रिश्ते ने अ़र्ज़ की: ह़ुज़ूर इन्हें चाहते हैं? फ़रमाया: हां। अ़र्ज़ की: "वह वक्त़ क़रीब आता है कि ह़ुज़ूर की उम्मत इन्हें शहीद करेगी। और ह़ुज़ूर चाहें तो वह ज़मीन ह़ुज़ूर को दिखा दूं जहां यह शहीद किए जाएंगे। फिर सुर्ख़ मिट्टी, और एक रिवायत में है रेत, और एक रिवायत में कंकरियां हाज़िर कीं। ह़ुज़ूर ﷺ ने सूंघ कर फ़रमाया ريح كرب و بلاء बेचैनी और बला की बू आती है। फिर उम्मुल मुमिनीन رضی اللہ عنہا को वह मिट्टी अ़ता हुई। और फ़रमाया: "जब यह ख़ून हो जाए तो जानना कि हुसैन शहीद हुआ।" उन्होंने वह मिट्टी एक शीशी में रख छोड़ी। उम्मुल मुमिनीन رضی اللہ عنہا फ़रमाती हैं: "मैं कहा करती थी जिस दिन यह मिट्टी ख़ून हो जाएगी कैसी सख़्ती का दिन होगा।"

      अमीरुल मुमिनीन मौला अली رضی اللہ عنہ सिफ़्फ़ीन को जाते हुए कर्बला की ज़मीन पर गुज़रे। नाम पूछा। लोगों ने कहा कर्बला। आप इतना रोए कि ज़मीन आंसुओं से भीग गई फिर फरमाया: मैं ह़ुज़ूर ﷺ की बारगाह में हाज़िर हुआ। ह़ुज़ूर ﷺ को रोता पाया। सबब पूछा। फ़रमाया अभी जिब्रील कह गए हैं कि मेरा बेटा हुसैन फ़ुरात के किनारे कर्बला में कत्ल किया जाएगा, फिर जिब्रील ने वहां की मिट्टी मुझे सुंघाई मुझसे ज़ब्त ना हो सका और आंखें बह निकली।

      एक रिवाहित में है: मौला अली رضی اللہ عنہ उस मक़ाम से गुज़रे जहां अब इमामे मज़्लूम की क़ब्र मुबारक है। फरमाया: यहां उनकी सवारियां बिठाई जाएंगी, यहां उनके कजावे रखे जाएंगे। और यहां उनके खून गिरेंगे। आले मोहम्मद صلی اللہ علیہ وسلم के कुछ नौजवान इस मैदान में कत्ल होंगे। जिन पर ज़मीन और आसमान रोएंगे।

 *(📚 आईनए क़यामत, पेज न० 22,23)* 

📍 *अगली किस्त पढ़ने के लिए ग्रुप ज्वाइन करें।*



👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
https://chat.whatsapp.com/CoTrYIar9XdB3OW6o2jeiX

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हुज़ूर ﷺ ने इमाम हुसैन رضی اللہ عنہ पर किसको कुर्बान किया है*05

मुहर्रम उल हराम में ब्याह शादी करना कैसा है* 02

आशूरा के दिन नेक काम करना कैसा* 09