दास्तानें करबला17

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴



     *🥀 दास्तानें करबला 🥀* 



           ❗️ *पोस्ट- 17* ❗️

*इमाम मुस्लिम के मजलुम बच्चे* 

🤺 शैतान इब्ने जियाद *हजरत इमाम मुस्लिम रदीअल्लाहु तआला अन्हु के* कत्ल से फारिग हुआ तो उसे पता चला की इमाम मुस्लिम के दो लड़के भी इसी शहर मे है। इब्ने ज्याद ने फौरन ऐलान करा दिया की जो कोई भी हज़रत मुस्लिम के लड़को को अपने घर मे जगह देगा कत्ल व गारत किया जायेगा, *इस वक्त दोनो बच्चे काजी शुरैह के घर मे थे।* 

⚔️ *काजी शुरैह* साहब ने दोनो बच्चो को सामने बुलाया और बे-इख्तियार रोने लगे....

▪️ *बच्चो ने पुछा :* "आज इस तरह रोने का सबब क्या है...?? क्या हम दोनो यतीम तो नही हो गये..??"

▪️ *काजी साहब ने फरमाया :* "बच्चो ❗️ अल्लाह तआला तुम्हे सब्र अता फरमाये, वाकई तुम दोनो यतीम हो गये हो।"

▪️ बच्चो ने यह खबर सुनी तो रोने लगे, काजी साहब ने कहा : *बच्चो ! चुप रहो इब्ने ज्याद के आदमी तुम्हारी तलाश मे है,* मुझे तुम्हारी और अपनी जान का खौफ है मै चाहता हुं कि तुम्हे किसी के साथ मदीना रवाना कर दुं।,

🤺 काजी साहब ने अपने लड़के असद से कहा की *आज एक काफीला दरवाजा ए इराकैन से मदीना को जा रही है, तुम इन दोनो बच्चो को किसी नेक आदमी के सुपुर्द कर आओ, ताकी, वह उन्हे मदीना पहुंचा दे।*

🐪 असद जब उन्हे लेकर दरवाजा ए इराकैन आया तो *काफीला रवाना हो चुका था।* दुर धुल उड़ती हुई नजर आ रही थी, असद ने बच्चो से कहा की काफीला अभी अभी यहां से गुजरा है, दौड़कर उससे मिल जाओ, *बेकस बच्चे काफीले की तरफ दौड़ पड़े मगर काफीला दुर जा चुका था इसलिए काफीला को न पा सके।* 

🌊 असद घर को वापस आ चूका था अंधेरी रात थी बच्चे रास्ते भुल गये, रात भर इधर-उधर फिरते रहे, *सुबह होने लगी तो एक पानी का चश्मा देखा, थके हुए थे इसलिए चश्मे के पास बैठ गये,* इत्तेफाकन एक गुलाम उस चश्मे पर पानी भरने आई, उन्हे देखा और जब उसे मालुम हुआ की यह इमाम मुस्लिम के यतीम बच्चे है तो वह रोने लगी।
  
▪️ और कहा : "साहबजादो ❗️ मेरे साथ चलो मेरी मालिका अहले बैअत से मुहब्बत करने वालों मे से है। वह तुम्हे पाकर बहुत खुश होगी, बिलकुल न घबराओ और मेरे साथ चलो।" 

⚔️ बच्चे हैरान व परिशान उसके साथ हो लिए। जब घर पहुंचे तो घर की मालिकन यह मालुम करके की *ये हजरत मुस्लिम रदि अल्लाहु तआला अन्हु के यतीम बच्चे है,* दौड़ी और दोनो को सिने से लगाया और उनके हाल जार पर रोने लगी और फिर खिला-पिलाकर एक कमरे मे सुला दिया..!!
-

🤺 इधर यह औरत तो इतनी खुदा तरस और मुहिब्बे अहले बैअत थी, उधर *उसका खाविन्द *हारीस नामी बेहद नाखुदा तरस और दुश्मानाने अहले बैअत था,* दिन भर इन्हीं बच्चो की तलाश मे घुमता रहा था की बच्चे मिल जायें तो उनका कत्ल करके उनका सर इब्ने---ज्याद के पास ले जाकर इनाम पाऊं....!!
--------

--------
🤺 रात को जब ये जालीम घर आया तो उसकी बिवी डरी के कहीं इसे इन बच्चो का इल्म न हो जाए। 
*चुनांचे :* उसकी बिवी ने उसे जल्दी-जल्दी खाना खिलाकर सो जाने को कहा ओ जालीम दिन भर थकामंद सो गया, 
-------

🤺 कुछ रात गये बड़े बच्चे ने छोटे को जगाया और अपना देखा हुआ ख्वाब सुनाया। फिर दोनो बाप की याद में एक दूसरे को चिमटकर रोने लगे,

*उनके रोने से हारिस की आंख खुल गई .......*
बिवी से पुछा ये शोर कैसा ...??
ओ औरत सहम गई और दौड़ी की खुदा जाने अब क्या होगा..??
-

🤺 हारीस उठा और चिराग जलाकर अंदर आया तो उन दोनो यातीमो को रोते देखकर बोला तुम कौन हो...??
*उन सहाबजादो ने साफ साफ कह दिया के हम फरजन्द-ए-मुस्लिम है, जालीम हारीस खुश हो गया। *

🤺 फिर ये जालीम उन साहबजादों को घसीटते हुए बाहर लाया औरत बेचारी बहुत हाथ पैर मारती रही, अपना सिर उसके पैरो पर रखती रही और उसे जुल्म से रोकती रही मगर उस जालीम ने एक न सुनी, *बेरहम तलवार लेकर उठा और दोनो को फुरात की तरफ ले चला और उनको कत्ल करने के लिए तैयार हो गया। *
-

🩸 जालीम बेरहम हरीस ने तलवार पकड़ ली उस वक्त बच्चो ने कहा : "हम यतीम है, बे वतन है, हम पर रहमकर।" 

🩸 मगर उस दुनियां के कुत्ते ने एक न सुनी और जालीम ने बड़े साहबजादे-को पहले शहीद किया फिर देखते देखते छोटे को भी शहीद कर दिया..!!

 *📚 (तजकिरा-ए-हुसैन,, सफा-48, )* 

*⌛ ( बाकी अगली पोस्ट में इंशा अल्लाह )*



👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
https://chat.whatsapp.com/BlTnmJKrHakLQ0Y3Q9Q1KC

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हुज़ूर ﷺ ने इमाम हुसैन رضی اللہ عنہ पर किसको कुर्बान किया है*05

मुहर्रम उल हराम में ब्याह शादी करना कैसा है* 02

आशूरा के दिन नेक काम करना कैसा* 09