इमामे हुसैन का आखिरी सजदा* 31

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴



     *🥀 दास्तानें करबला 🥀* 



           ❗️ *पोस्ट- 31* ❗️

💔 *इमामे हुसैन__की__ शहादत / 3*  💔
      
💔 *इमामे हुसैन का आखिरी सजदा*  💔

🤺     *जब इमाम हुसैन की तलवार जालिमों पर कहरे इलाही बन कर टूटी...* तो यजीदी चीख उठे और यकीन हो गया की, इस तलवार से लश्कर का कोई बहादुर अपनी जान बचा कर ना ले जा सकेगा....

🤺      *यजीदीयों ने सोचा कि, अगर इमामे हुसैन को रोकने की कोई तदबीर ना सोची गई.... तो सारे के सारे आपकी तलवार से हलाक हो जाएंगे.....*

🤺      अब तजवीज ये की गई  की, जंग सामने से आकर करने के बजाय.... दूर से ही वार किया जाए।
          *हजारों तीरंदाज की जमाअत ने हज़रत इमामे हुसैन को चारो तरफ से घेर लिया... और तीरों की बरसात करने लगे....* 
         .........हमले के लिए तीर भी वोह इस्तेमाल किये गये... *जो घोड़ों को मारने के लिए किए जाते हैं, ये तीर ज्यादा नुकीले होते हैं ।*

🤺     आपका घोडा भी इस क़दर ज़ख़्मी हो गया की, उस में काम करने की क़ुव्वत न रही नाचार हज़रते इमाम हुसैन को एक जगह ठहरना पड़ा, हर तरफ से तीर आ रहे है और इमाम का तन निशाना बना हुआ है, नूरानी जिस्म ज़ख्मो से चकना चूर और लहू लुहान हो रहा है।

💔 *इमामे हुसैन का आखिरी सजदा*  💔

🤺      आपका जिस्मे मुबारक जख्मों से चकना चूर है.... पूरा बदन लहू लूहान है, मगर वक़्ते नमाज आया, आप घोड़े से नीचे तशरीफ लाए और सजदे में गीर पड़े.... और पुकार उठे *"सुबहान रब्बियल आला... या रब मैंने सब कुछ तेरे लिए कुर्बान कर दिया.... ए मेरे रब मुझे बता दे कि तु मुझ से राजी है या नहीं"*

           *......... गैब से निदा आती है : "ए हुसैन, तू बता दे कि तु अपने रब से राजी है या नहीं"*

🤺     आपके सजदे में जाना था कि यजीदी लश्कर घबरा कर चिल्ला उठा, *यही वक़्त है कि हुसैन को शहीद कर दिया जाए......*

          .......... खौली इब्ने यजीद या शबल इब्ने यजीद या शिमर आगे बढ़े, और *सजदे की हालत में इमाम हुसैन की गर्दने मुबारक पर इतना जोर का वार किया कि, सर तन से जुदा हो गया....*

*"अल्लाहु अकबर”  !!!"*

💔     मुहर्रम सन 61 हिजरी की 10वी तारीख के रोज़ 56 साल 5 माह 5 दिन की उम्र में *हज़रते इमाम हुसैन* رضي الله تعالي عنه ने इस नापाएदार से रिहलत फ़रमाई और दाइये अजल को लबैक कही।

🤺     *जालिमों ने इतने पर बस ना किया,*  आपके सरे अकदस को नेजे पर उठा कर मेदाने करबला में जीत गए के नारे लगाने लगे.... आपके जिस्म मुबारक पर घोड़े चलवाए गए। आपके खैमे को आग लगा दी गई.... तमाम अहले शहीदाने करबला के सरो को जिस्मों से अलग किया गया, उनके जिस्मों को घोड़ों से रौंदा गया.... 


⚔️     करबला का वाकिया.... जुल्मों सितम की वोह दास्तां है, कि अगर *जुल्मों-सितम* का बयान लिखा जाए, तो सेंकड़ों किताबे भर जाए। *ना कोई मुसन्निफ इस वाक़िए को लिखने का हक अदा कर सकता है, ना कोई मुअर्रीखिन इसे लफ्जों में बयान कर सकता है।*

🌹     *इस मुख्तसर सी पोस्ट से हमने जिक्रे हुसैन कर के अपने दिलों को रोशन करने की कोशिश की है.....* 
          *........अल्लाह इस कोशिश को कुबूल फरमाए और हमे दोनों जहां में कामियाबी अता फरमाए।* आमीन...

*⌛ ( बाकी अगली पोस्ट में इंशा अल्लाह )*



👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
https://chat.whatsapp.com/BlTnmJKrHakLQ0Y3Q9Q1KC

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हुज़ूर ﷺ ने इमाम हुसैन رضی اللہ عنہ पर किसको कुर्बान किया है*05

मुहर्रम उल हराम में ब्याह शादी करना कैसा है* 02

आशूरा के दिन नेक काम करना कैसा* 09