सन 64 हिजरी 15 रबीउल अव्वल 35

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     *🥀 दास्तानें करबला 🥀* 



           ❗️ *पोस्ट- 35* ❗️

        ⚔️    *यजीद की मौत*    ⚔️

🗓     *सन 64 हिजरी 15 रबीउल अव्वल....*

🪓     *यजीद की मौत की तीन रिवायतें है...*

1️⃣    📝 पहली रिवायत यह है कि.... यजी़द एक दिन अपने राज़दार सरजून इब्ने मन्सूर के साथ शिकार के लिए जारहा था। *रास्ते में एक रूम्यून्नसल पादरी की लड़की पर यजी़द की नज़र गई तो यजी़द दीवाना हो गया* और लड़की की अ़स़मत लूटना चाही, तो लड़की ने सोचा अपनी असमत को जाए ये गवारा नहीं। फिर लड़की ने अपने बाप से मशवरा किया पादरी ने कहा मुझे तुम्हारी राए से इत्तिफाक़ है। 

          फिर लड़की ने तन्हा बुलाया। दूसरे दिन यजी़द तन्हा पादरी के मकान पर पहुंचा लड़की पहल ही से घोड़े पर जींन डाले तैयार थी। यजी़द के पहुंचते ही घोड़े पर सवार होकर साथ साथ रवाना हो जाती है यहां तक कि, ये दोनों दश्ते ह़वारीन में पहुंच जाते हैं। यहाँ का मौसम बडा़ ही खुशगवार था। यजी़द ने शराब तो पी ही रख्खी थी यहां की ठंडी-ठंडी हवा ने नशे को दुगना (ज्यादा ) कर दिया। 

          ..........लड़की ने मौक़ा पाकर घोड़ा थोड़े पीछे किया। * उबा 👘(कपड़ों ) में छुपाई हुइ तलवार निकाल कर इस ज़ोर का वार किया कि यजी़द घोड़े से नीचे गिरा।* लड़की अपने घोड़े से नीचे उतरी और यजी़द के सीने पर सवार हो कर कहने लगी : "ओ बदबख्त,  बद किरदार ! जब तूने अपने नबी के नवासे पर रह़म नहीं खाया तो तुझसे कौन उम्मीदे वफा कर सकता है। *बस अब ये तेरा आखरी वक़्त है यह कहकर अपनी तलवार से यजी़द के जिस्म के टुकड़े टुकड़े कर दिए।* दो - तीन दिन तक चील कव्वे उस के जिस्म के टुकड़ों को नोचते खाते रहे.... इसके बाद यजी़द के खातिर ख्वाह उसे तलाश करते हुए उसके पास पहुंचे तो उसे वहीं दफन कर दिया। 

2️⃣     📝 *दूसरी _ रिवायत यह है कि....* 

           .....यह कस़रते शराब खोरी ने यजी़द के फेफड़ों को बिल्कुल बेकार कर दिया था। हर वक़्त नशे में धुत (डूबा) रहता था। कुत्ते उसके इर्द गिर्द रहा करते थे... जा़नी ह़द दर्जे का था। *चंद दिनों जिगर की बीमारी में रहकर हाथ फेरता हुआ जहन्नम में पहुंच गया।* और शहरे दिमिशक़ के बाहर इस को दफन किया गया। 

3️⃣     📝 *तीसरी _रिवायत यह है_* 

          अल्लामा अबू इसहा़क़ असफराइनी ने अपनी किताब (नूरुल ऐ़न फी़ मशहदिल हुसैन) में तह़रीर फरमाया कि.... 

         .....*एक दिन यजी़द अपने एक हज़ार लश्कर के साथ शिकार के लिए निकलता है,* शहरों दमिशक़ से दो दिन की राह तय कर के एक मैदान में पहुंचता है। अचानक इस की निगाह एक हिरन पर पड़ी तो उसके पीछे अपना घोड़ा डाल दिया, फिर हिरन एक खौफ़नाक मैदान में पहुंच कर गा़इब हो गई। यजी़द का पूरा लशकर यजी़द से दूर ना जाने कहां रह गया। 

         अलबत्ता इसके दस लशकरी इसके साथ यहां पहुंच आए थे। *फिर प्यास ने इन्हे इतना तड़पाया.... इतना तड़पाया..... कि यजी़द और इस के साथी ऐडि़यां रगड़ते हुए जहन्नम में पहुंच गए।* 

*उस दिन से इस वादी का नाम ही पड़ गया.....  वादिए जहन्नम !*

📌     *यजी़द ने कुल तीन बरस (3 साल) / 7 महीने हुकूमत की.... और 39 बरस की उम्र में हलाक हुवा....!*

*📚खुतबाते मुह़र्रम सफह 444*
*📚 मा बअ़दे कर्बला सफ़ह़ 89 से 92*

*⌛ ( बाकी अगली पोस्ट में इंशा अल्लाह )*



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